आलेख

  हम पश्चिम की होड़ बेशक करें पर यह सच है कि पश्चिम कहीं से भी कुछ भी अच्छा सीखने और अपनाने में कभी शर्म या कोताही नहीं करता। कुछ भी अपने फायदे का मिले तो उसे खुले हाथों और दिमाग से अपनाना और उसे अपनी जीवन शैली और परिवेश…

पिछले सप्ताह भारत में सी बी एस सी के बारहवीं के रिजल्ट्स आए और मुख्य मिडिया से लेकर सोशल मीडिया तक काफी गहमा गहमी रही. फोन पर, मेल में हर माध्यम से खुशी की ख़बरें सुनाई दीं.जहाँ तक सुनने में आया ऐसा लगा जैसे ९० % से कम नंबर किसी…

कोई आपसे कहे कि लंदन की थेम्स से आजकल गंगा – जमना की खुशबू आ रही है तो क्या आप यकीन करेंगे? शायद नहीं, शायद क्या, बिलकुल नहीं करेंगे। क्योंकि ज़माना कितना भी आगे बढ़ गया हो इतना तो अभी नहीं बढ़ा कि नदियों की खुशबू सात समुन्द्र पार मोबाइल…

आज से कुछ वर्ष पूर्व जब इस देश में आना हुआ था तब सड़कों में भारी मात्रा में वाहन होने के बावजूद गज़ब की शांति महसूस हुआ करती थी. कायदे से अपनी -अपनी लेंन में चलतीं, बिना शोरगुल के लेन बदलतीं, ओवेरटेक करती गाडियां मुझे अक्सर आश्चर्य में डाल दिया…

कुछ दिन पहले एक दोपहर को दरवाजे की घंटी बजी,जाकर देखा  तो सूट, बूट, टाई में ३- ४ महानुभाव खड़े थे. उनमे से एक ने बड़ी शालीनता से आगे बढ़कर एक परचा थमाया और धन्यवाद कहकर चले गए. दरवाजा बंद करके मैंने पर्चे पर नजर डाली तो समझ में आया कि वह एक राजनैतिक पार्टी के…

दिल्ली के एक मेट्रो स्टेशन पर काफी भीड़ थी. महिलाओं के लिए सुरक्षित डिब्बा जहाँ आने वाला था वहाँ भी लाइन लगी हुई थी. मेट्रो के आते ही एक लड़के ने उस लाइन में आगे लगने की कोशिश की शायद वह महिलाओं के डिब्बे से होकर दूसरे डिब्बे में जाना…

इस बार लंदन में ठण्ड बहुत देरी से  पड़नी शुरू हुई इसलिए अब भी अजीब सी पड़ रही है. सूखी सूखी सी. यहाँ तक कि लंदन में तो इस बार अब तक बर्फ तक नहीं पडी. पर ठण्ड ऐसी कि जैसे दिमाग में भी घुस गई हो. ग्लूमी – ग्लूमी सा…

एक बार मैं बस से कहीं जा रही थी. बस की ऊपरी मंजिल की सीट पर बैठी थी. तभी बस अचानक रुक गई और काफी देर तक रुकी रही. आगे ट्रैफिक साफ़ था और ऐसा भी नहीं लग रहा था कि बस खराब हो गई हो. नीचें आकर देखा तो पता चला…

काला धन काला धन सुन सुन कर कान तक काले हो चुके हैं ।  यूँ मुझे काला रंग खासा पसंद है। ब्लेक ब्यूटी की तो खैर दुनिया कायल है पर जब से जानकारों से सुना है की काले कपड़ों में मोटापा कम झलकता है तब से मेरी अलमारी में काफी…

मोबाइल और टेबलेट जैसी नई तकनीकियों के आने से एक फायदा बहुत हुआ है कि कहीं कैफे या रेस्टौरेंट में अकेले बैठकर कुछ खाना पीना पड़े तो असहजता नहीं होती, यह एहसास नहीं होता कि कोई घूर रहा है. या कोई यह सोच रहा है कि भला अकेले भी कोई…