संस्मरण / यात्राविवरण /आलेख

एक बेहद दुखद सूचना अभी अभी मिली है कि प्रख्यात हिंदी साहित्यकार डॉ. विवेकी राय का आज सुबह पौने पांच बजे वाराणसी में निधन हो गया है। बीते 19 नवंबर को ही उन्होंने अपना 93वां जन्मदिन मनाया था.  उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा यश भारती से भी सम्मानित विवेकी राय जी ने हिंदी में ललित निबंध, कथा…

अमरीका के एक प्रसिद्ध लेखक रे ब्रैडबेरि का कहना है कि अपनी आँखों को अचंभों से भर लो, जियो ऐसे कि जैसे अभी दस सेकेण्ड में गिर कर मरने वाले हो, दुनिया देखो, यह कारखानों में बनाए गए या खरीदे गए किसी भी सपने से ज्यादा शानदार है.  वाकई घुमक्कड़ी, यायावरी या पर्यटन ऐसी संपदा…

स्पेन खान के पान मामले में अपनी एक खास पहचान रखता है और पुर्तगाल की संस्कृति से काफी मिलता जुलता है. अपने समुंद्री किनारों के कारण स्पेन के खान पान में सी फ़ूड का काफी प्रयोग होने के वावजूद स्पेनवासी अपने फलों और सब्जियों के लिए भी बहुत प्रेम रखते हैं.…

जबसे होश संभाला तब से ही लगता रहा कि मेरा जन्म का एक उद्देश्य घुमक्कड़ी भी है. साल में कम से कम १ महीना तो हमेशा ही घुमक्कड़ी के नाम हुआ करता था और उसमें सबसे ज्यादा सहायक हुआ करती थी भारतीय रेलवे. देखा जाए तो ३० दिन के टूर…

 रूस के गोर्की टाउन से कर इंग्लैण्ड के स्टार्ट फोर्ड अपोन अवोन तक और मास्को के पुश्किन हाउस  से लेकर लन्दन के कीट्स हाउस तक। ज़ब जब किसी लेखक या शायर का घर , गाँव सुन्दरतम तरीके से संरक्षित देखा हर बार मन में एक  हूक उठी कि काश ऐसा ही कुछ हमारे…

मैंने अपनी पिछली गाँव वाली पोस्ट में जिक्र किया था कि वहां की योजना बनाते वक़्त बच्चों के थोबड़े  सूज गए थे,और हमें समझ में आ गया था कि जब तक इन बच्चों के लायक भी किसी स्थान का चयन नहीं किया जाएगा हमारी भी गाँव यात्रा खटाई में पड़ी रहेगी। अपनी आँखों…

मेरे ख़याल से घुमक्कड़ी शौक या आदत नहीं बल्कि एक रोग है। एक ऐसा रोग जो लग गया तो लग गया फिर इससे छुटकारा नामुमकिन सा है। वक़्त के साथ इसकी गंभीरता कम बेशक हो जाये , या हो सकता है बाहर से यह रोग नजर न आये परन्तु अन्दर ही…

रोमांच की भी अपनी एक उम्र होती है और हर उम्र में रोमांच का एक अलग चरित्र. यूँ तो स्वभाव से  रोमांचकारी लोगों को अजीब अजीब चीजों में रोमांच महसूस होता है,स्काइडाइविंग , अंडर वाटर राफ्टिंग, यहाँ तक कि भयंकर झूलों की सवारी, जिन्हें देखकर ही मेरा दिल  धाएं  धाएं…

लन्दन में इस बार बसंत का आगमन ऐसा नहीं हुआ जैसा कि हुआ करता था. आरम्भ में ही सूखा पड़ने की आशंका की घोषणा कर दी गई. और  फिर लगा जैसे  बेचारे बादल  भी डर गए कि नहीं बरसे तो उन्हें भी कोई बड़ा जुर्माना ना कर दिया जाये और…

फ़्रांस की राजधानी पेरिस – द सिटी ऑफ़ लव, भव्यता, संम्पन्नता, ग्लेमर का पथप्रदर्शक.बाकी दुनिया से अलग एक शहर, जिसकी चकाचौंध के आगे सब कुछ फीका लगता है. लन्दन आने वाले हर व्यक्ति के  मन में सबसे पहले इस फैशन  की इस राजधानी को देख लेने की इच्छा बलबती होने लगती है. लन्दन…