रूसी कवितायेँ हिंदी अनुवाद

все те же Я тоже была наивной, В воды Волги опустив ноги В воды, смешанные с моими слезами Все равно вспоминала о Ганге. Горы видела – горы Урала, Только думала о Гималаях. И не знала я о том раньше: Да, зовут их, порой, непохоже, Только вода все та же Только…

कुछ दिन पहले अनिल जनविजय जी की फेस बुक दिवार पर एसेनिन सर्गेई की यह कविता  .Я помню, любимая, помню (रूसी भाषा में ) देखि. उन्हें पहले थोडा बहुत पढ़ा तो था परन्तु समय के साथ रूसी भी कुछ पीछे छूट गई. यह कविता देख फिर एक बार रूसी भाषा से…