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आर या पार …

आर या पार …

बस एक दिन बचा है. EU के साथ या EU के बाहर. मैं अब तक कंफ्यूज हूँ. दिल कुछ कहता है और दिमाग कुछ और. …'

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ये न थी हमारी किस्मत….

ये न थी हमारी किस्मत….

हम जब बचपन में घर में आने वाली पत्रिकाएं पढ़ते तो अक्सर मम्मी से पूछा करते थे कि गर्मियों की छुट्टियां क्या होती हैं. क्योंकि पत्रिकाएं, गर्मियों में…'

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मेरी प्रिया की आँखें – (शेक्सपियर के सोंनेट 130 का भावानुवाद )

मेरी प्रिया की आँखें – (शेक्सपियर के सोंनेट 130 का भावानुवाद )

Shakespeare's Sonnet 130 - My mistress's eyes My mistress' eyes are nothing like the sun; Coral is far more red than her lips' red; If…'

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हवा का दबाव…

हवा का दबाव…

हम जैसे जैसे ऊपर उठते हैंघटता जाता है हवा का दबाव.भारी हो जाता है,आसपास का माहौल. और हो जाता है,सांस लेना मुश्किल.ऐसे में जरुरी है कि,मुँह…'

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सावधान आगे ख़तरा है… ?

सावधान आगे ख़तरा है… ?

"बिहार की एक ट्रेन में, बोतल से पानी पी लेने पर एक युवक की कुछ लोगों ने जम कर पिटाई कर दी" सोशल मीडिया पर…'

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बाजारवाद ही सही….

बाजारवाद ही सही….

क्योंकि हमारे यहाँ प्यार दिखावे की कोई चीज़ नहीं है. नफरत दिखाई जा सकती है, उसका इजहार जिस तरह भी हो, किया जा सकता है. गाली देकर,…'

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क्योंकि….

क्योंकि….

विश्वविद्यालय मुझे आकर्षित करते हैं - क्योंकि- विश्वविद्यालय  WWF  अखाड़ा नहीं, ज्ञान का समुन्दर होता है. जहाँ डुबकी लगाकर एक इंसान, समझदार, सभ्य और लायक नागरिक…'

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किस्सों की संदूकची…

किस्सों की संदूकची…

-"अरे तब तरबूज काट कर कौन खाता था. खेतों पर गए, वहीं तोड़ा घूँसा मार कर बीच में से, खड़ा नमक छिड़का और हाथ से ही…'

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सर्वप्रिय प्रविष्ठियां

हम जैसे जैसे ऊपर उठते हैंघटता जाता है हवा का दबाव.भारी हो जाता है,आसपास का माहौल. और हो जाता है,सांस लेना मुश्किल.ऐसे में जरुरी…

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