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क्योंकि….

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विश्वविद्यालय मुझे आकर्षित करते हैं - क्योंकि- विश्वविद्यालय  WWF  अखाड़ा नहीं, ज्ञान का समुन्दर होता है. जहाँ डुबकी लगाकर एक इंसान, समझदार, सभ्य और लायक नागरिक…'

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किस्सों की संदूकची…

किस्सों की संदूकची…

-"अरे तब तरबूज काट कर कौन खाता था. खेतों पर गए, वहीं तोड़ा घूँसा मार कर बीच में से, खड़ा नमक छिड़का और हाथ से ही…'

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एक कप कॉफ़ी और हम तुम….

एक कप कॉफ़ी और हम तुम….

कितनी ठिठुरन है आज  चलो न, पी आएं एक एक कप कॉफी  मैं लूंगी एक लार्ज कैपचीनो,  जिसपर बनाता है वह एक दिल,  चॉकलेट और…'

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एक बिंदास लड़की…

एक बिंदास लड़की…

उस बिंदास लड़की (चुड़ैल) के नाम, जिससे पीछा छूटना इस जन्म में तो मुमकिन नहीं है.  वह बनती है पत्थर पर है मोम सी. भरी रहती है…'

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यूँ भी दिवाली …

यूँ भी दिवाली …

आज सुबह राशन खरीदने टेस्को (सुपर स्टोर) गई तो वहां का माहौल कुछ बदला बदला लग रहा था. घुसते ही एक स्टाफ की युवती दिखी…'

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पश्चिम का चाँद….

पश्चिम का चाँद….

ऑफिस से आकर उसने अलमारी खोली। पीछे से हैंगर निकाल कर निहारा। साड़ी पहनने की ख़ुशी ने कुछ देर के लिए सारा दिन भूख प्यास…'

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अजब गज़ब विरोध नीति…

अजब गज़ब विरोध नीति…

घर में नहीं दाने अम्मा चली भुनाने - गज़ब का सटीक मुहावरा गढ़ा है किसी ने. और आजकल के माहौल में तो बेहद ही सटीक दिखाई…'

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छात्र बनकर रूस यात्रा बाया “स्मृतियों में रूस”

छात्र बनकर रूस यात्रा बाया “स्मृतियों में रूस”

कौन कहता है कि युवा वर्ग किताबें (हिंदी) नहीं पढता ? यदि वह आपके लेखन से खुद को रिलेट कर पाता है तो अवश्य ही…'

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सर्वप्रिय प्रविष्ठियां

अमरीका के एक प्रसिद्ध लेखक रे ब्रैडबेरि का कहना है कि अपनी आँखों को अचंभों से भर लो, जियो ऐसे कि जैसे अभी दस सेकेण्ड में गिर कर मरने वाले हो, दुनिया देखो, यह कारखानों…

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