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लन्दन में रथयात्रा … एक चित्रमाला.

लन्दन में रथयात्रा … एक चित्रमाला.

यूँ मैं बहुत धार्मिक नहीं और पूजा पाठ में तो यकीन न के बराबर है. पर मैं नास्तिक भी नहीं और उत्सवों में त्योहारों में…'

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जियो जी भर…

जियो जी भर…

अमरीका के एक प्रसिद्ध लेखक रे ब्रैडबेरि का कहना है कि अपनी आँखों को अचंभों से भर लो, जियो ऐसे कि जैसे अभी दस सेकेण्ड में गिर कर…'

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अब आगे क्या ? (UK’s EU referendum, 2016)

अब आगे क्या ? (UK’s EU referendum, 2016)

वह बृहस्पतिवार का दिन था - तारीख 23 जून 2016  - जब एक जनमत संग्रह के लिए मतदान किया जाने वाला था. इसमें वोटिंग के…'

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आर या पार …

आर या पार …

बस एक दिन बचा है. EU के साथ या EU के बाहर. मैं अब तक कंफ्यूज हूँ. दिल कुछ कहता है और दिमाग कुछ और. …'

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ये न थी हमारी किस्मत….

ये न थी हमारी किस्मत….

हम जब बचपन में घर में आने वाली पत्रिकाएं पढ़ते तो अक्सर मम्मी से पूछा करते थे कि गर्मियों की छुट्टियां क्या होती हैं. क्योंकि पत्रिकाएं, गर्मियों में…'

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मेरी प्रिया की आँखें – (शेक्सपियर के सोंनेट 130 का भावानुवाद )

मेरी प्रिया की आँखें – (शेक्सपियर के सोंनेट 130 का भावानुवाद )

Shakespeare's Sonnet 130 - My mistress's eyes My mistress' eyes are nothing like the sun; Coral is far more red than her lips' red; If…'

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