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नारी

नारी

बंद खिड़की के पीछे खड़ी वो, सोच रही थी की खोले पाट खिड़की के, आने दे ताज़ा हवा के झोंके को, छूने दे अपना तन…'

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पापा तुम लौट आओ ना

पापा तुम लौट आओ ना

पापा तुम लौट आओ ना, तुम बिन सूनी मेरी दुनिया, तुम बिन सूना हर मंज़र, तुम बिन सूना घर का आँगन, तुम बिन तन्हा हर…'

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लौट आ

लौट आ

हर सुबह आती है जैसे , रात के जाने के बाद. याद उनकी आती है, उनके खो जाने के बाद. ज़िंदगी की राह में, अक्सर…'

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मेरा जहाँ

मेरा जहाँ

कौन कहता है दर पे उसके, देर है- अंधेर नही,मुझे तो रोशनी की एक, झलक भी नही दिखती. मिलना हो तो मिलता है, ख़ुशियों का…'

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काश …….

काश …….

काश तुम -तुम ना होते, काश हम - हम ना होते. जब ये ठंडी हवा , गालों को छूकर बालों को उड़ा जाती, जब मुलायम…'

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जीवन सार

जीवन सार

कभी देखो इन बादलों को! जब काले होकर आँसुओं से भर जाते हैं, तो बरस कर इस धरा को धो जाते हैं. कभी देखो इन…'

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