प्रिय बेटियों, पूरी आशा है तुम वहाँ कुशल पूर्वक होगी। हम यहाँ ठीक हैं। तुम्हारी मम्मी भी आ गईं हैं। वह भी ठीक हैं। हम रोज चाय के समय तुम लोगों को याद करते हैं। मम्मी तुम लोगों के समाचार देती हैं। उनकी बातें खत्म ही नहीं होतीं। ऐसा लगता है न जाने कब से नहीं बोलीं हैं। यह जगह…

कुछ दिनों से मेरे अंतर का कवि कुछ नाराज़ है. कुछ लिखा ही नहीं जा रहा था …पर मेरा शत शत नमन इस नेट की दुनिया को जिसने कुछ ऐसे हमदर्द और दोस्त मुझे दिए हैं , जिनसे मेरा सूजा बूथा देखा ही नहीं जाता और उनकी यही भावनाएं मेरे लिए ऊर्जा का काम करती हैं ॥ इन्हीं में एक…

उस बिंदास लड़की (चुड़ैल) के नाम, जिससे पीछा छूटना इस जन्म में तो मुमकिन नहीं है.  वह बनती है पत्थर पर है मोम सी. भरी रहती है हमेशा आँखों की टंकी। झट से छलक पड़ती है जो उसके हँसते – रोते। खुद को समझती लड़का, दिल के हर कोने तक है लड़की।  एक नंबर की झगड़ालू पर प्यार लुटाने वाली पड़ोसी की भी प्लेट से उठा…

समाचार माध्यमो द्वारा खबरों की शुचिता , उनको बढ़ा चढ़ा कर दिखाना, उनकी निष्पक्षता , और समाचारों के नाटकीकरण एक ज्वलंत मुद्दा बन चुका  है आज, समाज के आम हलको में . वो कहते है ना की साहित्य समाज का आइना होता है तो आप  लोगों को ऐसा नहीं लगता की इस समाचारों को हम तक पहुचाने वाले पत्रकारों की…

ये उन दिनों की बात है, जब हवाई यात्रा आम लोगों के लिए नहीं हुआ करती थी और हवाई अड्डे तो फिर बहुत ही खास होते थे. आने वाले को लेने, पूरा कुनबा सज धज कर आया करता था.😊 साथ में फूल भी होते थे और कैमरा भी. अब क्योंकि यात्रा ख़ास होती थी तो सामान भी खास होता था…