लोकप्रिय प्रविष्टियां

आँखों से गिरते अश्क को बूँद शबनम की कहे जाते हैं जब्त ए ग़म की आदत है हम यूँ ही जिए जाते हैं । गर न मिले सर रखने को शाना,बहाने का अश्क फिर क्या मजा। रख हाथ गेरों के शाने पर, हम यूँ ही थिरकते जाते हैं जब्त ए ग़म की आदत है, हम यूँ ही जिए जाते हैं। होटों पे…

 असल ज्ञान वह मेरी पहली अनुबंधित नौकरी थी. अब तक छात्र जीवन को चलाने के लिए बहुत से पार्ट टाइम काम (ट्यूशन, अनुवाद आदि) किये थे पर अब मैं स्वयं छात्रा की श्रेणी से निकलते ही शिक्षिका की श्रेणी में आ गई थी. मास्को से टीवी पत्रकारिता में परास्नातक करने के पश्चात वहीं पी एच डी करने के आग्रह को…

     “भारत के घरों में बाथरूम की बनावट में सुधार की सबसे अहम जरुरत है. जिसे देखो वह वहीँ गिरता है. जब भी सुनने को मिले कि फलाना गिर गया, हड्डी टूट गई या फलानी फिसल गई, कुल्हा टूट गया. यह पूछने की जरुरत ही नहीं पड़ती कि कहाँ?  कैसे?. वजह एक ही होती है – बाथरूम गीला था …..”…

  हमारे पास रविवार शाम गुजारने के लिए दो विकल्प थे. एक बोल बच्चन और एक कॉकटेल .अब बोल बच्चन के काफी रिव्यू पढने के बाद भी हॉल पर जाकर जेब खाली करने की हिम्मत ना जाने क्यों नहीं हुई तो कॉकटेल पर ही किस्मत अजमाई का फैसला किया गया, यह सोच कर ओलम्पिक साईट में नए खुले मॉल का VUE सिनेमा  चुना गया…

भूखे नंगों का देश है भारत, खोखली महाशक्ति है , कश्मीर से अलग हो जाना चाहिए उसे .और भी ना जाने क्या क्या विष वमन…पर क्या ये विष वमन अपने ही नागरिक द्वारा भारत के अलावा कोई और देश बर्दाश्त करता ? क्या भारत जैसे लोकतंत्र को गाली देने वाले कहीं भी किसी भी और लोकतंत्र में रहकर उसी को गालियाँ…

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