कभी कहा जाता था गुप्त दान, महा दान. कि दान ऐसे करो कि एक हाथ से करो तो दूसरे को भी पता नहीं चले. खैर वो ज़माना तो चला गया और अब दान ने एक फैशन का सा स्वरुप ले लिया है. जहाँ एक भेड़चाल के चलते हम दान करते हैं और उससे भी अधिक उसका दिखावा. इसी फैशन के…
September 17, 2025



