लोकप्रिय प्रविष्टियां

ताल तलैये सूख चले थे,  कली कली कुम्भ्लाई थी ।  धरती माँ के सीने में भी  एक दरार सी छाई थी।   बेबस किसान ताक़ रहा था,  चातक भांति निगाहों से,  घट का पट खोल जल बूँद  कब धरा पर आएगी….   कब गीली मिटटी की खुशबू  बिखरेगी शीत हवाओं में,  कब बरसेगा झूम के सावन  ऋतू प्रीत सुधा बरसायेगी।   तभी श्याम…

आज कुछ पल सुकून के मिले थे शुक्रवार था .सप्ताहांत शुरू हो चुका था ,फुर्सत के क्षण थे तो यादों के झरोखे खुल गए और कुछ खट्टे मीठे पल याद आते ही जहाँ होठों पर मुस्कराहट आई वहीँ मन में एक सवाल हिल्लोरे लेने लगा… सोचा आपलोगों से बाँट लूं शायद जबाब मिल जाये. हुआ यूँ कि एक बार एक…

समाचार माध्यमो द्वारा खबरों की शुचिता , उनको बढ़ा चढ़ा कर दिखाना, उनकी निष्पक्षता , और समाचारों के नाटकीकरण एक ज्वलंत मुद्दा बन चुका  है आज, समाज के आम हलको में . वो कहते है ना की साहित्य समाज का आइना होता है तो आप  लोगों को ऐसा नहीं लगता की इस समाचारों को हम तक पहुचाने वाले पत्रकारों की…

देशकाल, परिवेश जो भी हो. सभ्यता के प्रारंभ से ही मनुष्य प्रकृति की तरफ आसक्त था. वह जानता था कि प्रकृति सबसे महत्वपूर्ण है अत: प्रकृति को ही पूजता था. उसी के संरक्षण के लिए उसने अपनी आस्था से जुड़े त्यौहार और रिवाज बनाये जिससे कि लोग उनका पालन श्रृद्धा के साथ कर सकें. यही कारण है कि आज भी…

आइये आज आपको ले चलती हूँ एडिनबर्ग   .स्कॉट्लैंड की राजधानी.-  स्कॉट्लैंड- जो १७०७ से पहले एक  स्वतंत्र राष्ट्र था , अब इंग्लैंड का एक हिस्सा है और  ग्रेट ब्रिटेन के उत्तरी आयरलैंड के एक तिहाई हिस्से को घेरे हुए   है ,दक्षिण में इंग्लैंड की सीमा को छूता है तो पूर्व में नोर्थ सी को, जिसके उत्तर पश्चिम में अटलांटिक…

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