हवा हुए वे दिन जब बच्चे की तंदरुस्ती से घर की सम्पन्नता को परखा जाता था. माताएं अपने बच्चे की बलाएँ ले ले नहीं थकती थीं कि मेरा बच्चा खाते पीते घर का लगता है. एक वक़्त एक रोटी कम खाई तो चिंता में घुल घुल कर बडबडाया करती थीं ..हाय मेरे लाल ने आज कुछ नहीं खाया शायद तबियत ठीक नहीं है. नानी दादी से जब भी बच्चा…






