“शब्-ए फुरक़त का जागा हूँ, फरिश्तों अब तो सोने दो, कभी फुर्सत में कर लेना हिसाब आहिस्ता आहिस्ता…” कभी सोचा नहीं था कि इस पोस्ट के बाद यह श्रद्धांजलि इतनी जल्दी लिखूंगी. अभी इसी साल जून की तो बात है जब जगजीत सिंह का लन्दन में कंसर्ट था और वहां उनका ७० वां जन्म दिन मना कर आई थी उनके जन्म…
अमरीका के एक प्रसिद्ध लेखक रे ब्रैडबेरि का कहना है कि अपनी आँखों को अचंभों से भर लो, जियो ऐसे कि जैसे अभी दस सेकेण्ड में गिर कर मरने वाले हो, दुनिया देखो, यह कारखानों में बनाए गए या खरीदे गए किसी भी सपने से ज्यादा शानदार है. वाकई घुमक्कड़ी, यायावरी या पर्यटन ऐसी संपदा है जो आपके व्यक्तित्व को अमीर बनाती है और शायद…
COVID-19 हमारे जीवनकाल की सबसे बड़ी वैश्विक घटना भी है और चुनौती भी. 2019 के अंत में कोरोना वायरस (COVID-19) का प्रकोप फैलना शुरू हुआ और 30 जनवरी, 2020 को अंतर्राष्ट्रीय विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा इसे माहामारी घोषित करते हुए आपातकाल की घोषणा कर दी गई। आज 6 महीने बाद भी पूरी दुनिया की आबादी का एक व्यापक टुकड़ा मुख्य रूप से…



