लोकप्रिय प्रविष्टियां

देश में आजकल माहौल बेहद राजनीतिक हो चला है. समाचार देख, सुनकर दिमाग का दही हो जाता है.ऐसे में इसे ज़रा हल्का करने के लिए कुछ बातें मन की हो जाएँ. हैं एक रचना लिखने के लिए पहले सौ रचनाएँ पढनी पड़ती हैं।परन्तु कभी कभी कोई एक रचना ही पढ़कर ऐसे भाव विकसित होते हैं मन में, कि रचना में ढलने को…

एक ज्योतिषी ने एक बार कहा थाउसे वह मिलेगा सबजो भी वह चाहेगी दिल सेउसने मांगापिता की सेहत,पति की तरक्की,बेटे की नौकरी,बेटी का ब्याह,एक अदद छत.अब उसी छत पर अकेली खड़ीसोचती है वोक्या मिला उसे ?ये पंडित भी कितना झूठ बोलते हैं. ************************ चाहते हैं हम कि बन जाएँ रिश्ते  जरा से प्रयास से  थोड़ी सी गर्मी से  और थोड़े से…

ये मेरा दुर्भाग्य ही है कि अधिकांशत: भारत से बाहर रहने के कारण,आधुनिक हिंदी साहित्य को पढने का मौका मुझे बहुत कम मिला.बारहवीं में हिंदी साहित्य विषय के अंतर्गत  जितना पढ़ सके वह एक विषय तक ही सीमित  रह जाया करता था.उस अवस्था में मुझे प्रेमचंद और अज्ञेय  की कहानियाँ सर्वाधिक पसंद थीं परन्तु और भी बहुत नाम सुनने में आते रहते थे या पत्र…

आज सुबह राशन खरीदने टेस्को (सुपर स्टोर) गई तो वहां का माहौल कुछ बदला बदला लग रहा था. घुसते ही एक स्टाफ की युवती दिखी जो भारतीय वेश भूषा में सजी हुई थी. मुझे लगा हो सकता है इसका जन्मदिन होगा। सामान्यत: यहाँ एशियाई तबकों में अपने जन्मदिन पर परंपरागत लिबास में काम पर जाने का रिवाज सा है. परन्तु थोड़ा…

. .यहाँ यूरोप में होलिडेज पर जाने का बहुत रिवाज़ है….जब देखो जिसे देखो होलिडेज पर निकल जाता है …काम का क्या है ? होता रहेगा…रोज़ ही होता है और जहाँ जरा ज्यादा काम का बोझ हुआ कह दिया ..कि हम तो होलिडेज पर जा रहे हैं आकर देखेंगे .यहाँ हर कोई तीन महीने में एक बार एक हफ्ते के…

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