लोकप्रिय प्रविष्टियां

आँखों से गिरते अश्क को बूँद शबनम की कहे जाते हैं जब्त ए ग़म की आदत है हम यूँ ही जिए जाते हैं । गर न मिले सर रखने को शाना,बहाने का अश्क फिर क्या मजा। रख हाथ गेरों के शाने पर, हम यूँ ही थिरकते जाते हैं जब्त ए ग़म की आदत है, हम यूँ ही जिए जाते हैं। होटों पे…

यदि बंद करना है तो जाओ  पहले घर का एसी बंद करो.  हर मोड़ पर खुला मॉल बंद करो  २४ घंटे जेनरेटर से चलता हॉल बंद करो.  नुक्कड़ तक जाने लिए कार बंद करो  बच्चों की पीठ पर लदा भार बंद करो. नर्सरी से ही ए बी सी रटाना बंद करो  घर में चीखना चिल्लाना बंद करो.  बच्चों से मजदूरी करवाना बंद करो  कारखानों का प्रदुषण फैलाना…

                                         A Puppy Face हम अक्सर माता – पिता को ये कहते सुनते हैं ..” हे भगवान ये बच्चे भी न इतने चालाक हैं पूछो मत.” वाकई कभी कभी लगता है कि इन बच्चों के पेट में दाढी  होती है .हम जितना इन्हें समझते हैं उससे कहीं ज्यादा ये हमें समझते हैं ..कब कौन से हथकंडे अपना कर किस तरह अपना काम…

अपने बाकी साथियों से कुछ अलग थी वो. हालाँकि काम वही करती थी. गाने भी वही गाती थी, चलती भी वैसे ही थी और नाचती भी वैसे ही थी. परन्तु न बोली में अभद्रता थी, न ही स्वभाव में लालच और न ही ज़रा सा भी गुस्सा या किसी तरह की हीन भावना  उसके स्वभाव में एक सौम्यता थी, वाणी में विनम्रता और उसका…

कल यहाँ (लन्दन में ) बी बी सी 3 पर भारत में हुए दामिनी हादसे और उसके प्रभाव पर एक कार्यक्रम दिखाया जा रहा था. जिसमें भारतीय मूल की एक ब्रिटिश लड़की नेट आदि पर उस हादसे को देखकर इतना विचलित होती है कि  वह खुद भारत जाती है, वहां लड़कियों की स्थिति का जायजा लेने। जाने से पहले वह अपनी अलमारी खोल कर ले…

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