लोकप्रिय प्रविष्टियां

सपाट चिकनी सड़क के किनारे  कच्चे फुटपाथ सी लकीर  और उसके पीछे  कंटीली झाड़ियों का झुण्ड  आजू बाजू सहारा देते से कुछ वृक्ष  और इन सबके साथ चलती  किसी के सहारे पे निर्भर  यह कार सी जिन्दगी  चलती कार में से ना जाने  क्या क्या देख लेती हैं  ये ठिठकी निगाहें. ******************** पल पल झपकती  पुतलियों के मध्य  पनपता एक दृश्य  श्वेत…

जी हाँ,मेरे पास नहीं है  पर्याप्त अनुभव  शायद जो जरुरी  है कुछ लिखने के लिए  नहीं खाई कभी प्याज रोटी पर रख कर  कभीनहीं भरा पानी  पनघट पर जाकर   बैलगाड़ी, ट्रैक्टर, कुआं और बरगद का चबूतरा सब फ़िल्मी बातें हैं मेरे लिए  “चूल्हा” नाम ही सुना है सिर्फ मैंने  और पेड़ पर चढ़ तोड़ना आम  एक एडवेंचर,एक खेल  जो कभी नहीं…

कौन कहता है दर पे उसके, देर है- अंधेर नही, मुझे तो रोशनी की एक, झलक भी नही दिखती. मिलना हो तो मिलता है, ख़ुशियों का अथाह समुंदर भी, पर चाहो जब तो उसकी, एक छोटी सी लहर भी नही दिखती. हज़ारों रंग के फूल हैं, दुनिया के बगानों में, मगर मेरे तो नन्हें दिल की एक कली भी नही…

रक्तिम लाली आज सूर्य की  यूं तन मेरा आरक्त किये है. तिमिर निशा का होले होले  मन से ज्यूँ निकास लिए है. उजास सुबह का फैला ऐसा  जैसे उमंग कोई जीवन की  आज समर्पित मेरे मन ने सारे निरर्थक भाव किये हैं लो फैला दी मैने बाहें  इन्द्रधनुष अब होगा इनमे  बस उजली ही किरणों का  अब आलिंगन होगा इनमें …

अभी हाल ही में स्थानीय समाचार पत्र में एक समाचार आया कि एक दंपत्ति ने अपने बच्चे का एक स्कूल में रजिस्ट्रेशन  उसके पैदा होने से पहले ही करा दिया .क्योंकि उन्हें डर था कि समय पर उन्हें उनके इलाके का और उनकी पसंद का स्कूल नहीं मिलेगा और वो अपनी पसंद के प्रतिकूल  स्कूल में बच्चे को भेजने के…

वीडियो