तेरी नजरों में अपने ख्वाब समा मैं यूँ खुश हूँबर्फ के सीने में फ़ना हो ज्यूँ ओस चमकती है. अब बस तू है, तेरी नजर है, तेरा ही नजरिया मैं चांदनी हूँ जो चाँद की बाँहों में दमकती है. तेरी सांसों से जो आती है वह खुशबू है मेरी रात की रानी तो तिमिर के संग ही महकती है. बेशक फूलों से भरे हों बाग़…






