आजकल हर जगह अन्ना की हवा चल रही है .बहुत कुछ उड़ता उड़ता यहाँ वहां छिटक रहा है.ऐसे में मेरे ख़याल भी जाने कहाँ कहाँ उड़ गए .और कहाँ कहाँ छिटक गए…. क्षणिकाएं …….. अपनी जिंदगी की सड़क के किनारों पर देखो मेरी जिंदगी के सफ़े बिखरे हुए पड़े हैं है परेशान महताब औ आफताब ये शब्बे सहर भी मेरे तेरे…







