लोकप्रिय प्रविष्टियां

एक नौनिहाल माँ का एक खिड़की से झाँक रहा था साथ थाल में पड़ी थी रोटी  चाँद अस्मां का मांग रहा था माँ ले कर एक कौर रोटी का उसकी मिन्नत करती थी लाके देंगे पापा शाम को उससे वादा करती थी पास खड़ा एक मासूम सा बच्चा  उसको जाने कब से निहार रहा था. हैरान था उनकी बातों पर…

मैं एक कविता बस छोटी सी  हर दिल की तह में रहती हूँ.   भावो से खिल जाऊं  मैं  शब्दों से निखर जाऊं मैं   मन  के अंतस  से जो उपजे मोती  सी यूँ रच उठती हूँ. मैं एक कविता बस छोटी सी  हर दिल की तह में रहती हूँ.   हर दर्द की एक दवा सी मैं  हर गम में एक दुआ सी…

कहीं सुनहरी बदन सेकती, कहीं किसी का बदन जलाती चिलचिलाती धुप कहीं रुपसी करती है डाइटिंग कहीं जान से मारती है भूख. कहीं फ़ैशन है कम कपड़ों का , कहीं एक ओड़नी को तरसता योवन कहीं  बर्गर ,कोक में डूबा कोई, कहीं कूड़े में वाड़ा पाँव ढूँढता बचपन. वही है धरती अंबर वही है, वही है सूरज, चाँद और तारे…

रो रो के धो डाले हमने, जितने दिल में अरमान थे।  हम वहाँ घर बसाने चले, जहाँ बस खाली मकान थे।  यूँ तो दिल लगाने की, हमारी भी थी आरज़ू,  ढूँढा प्यार का कुआँ वहाँ, जहाँ लंबे रेगिस्तान थे।  हम तो यूँ ही बेठे थे तसव्वुर में किसी के, बिखरे टूट के शीशे की तरह कितने हम नादान थे।  एक…

कल एक comedy tv शो के दौरान देखा एक ७-८ साल की बच्ची परफोर्म कर रही थी …” ओये बहाने बहाने से हाथ मत लगा.” .और बहुत ही घटिया और व्यस्क कहे जाने वाले चुटकुले बहुत ही प्रवीणता और मनोयोग  से सुना रही थी . वहां मौजूद लोग खूब तालियाँ बजा रहे थे उसकी अदाओं पर…आजकल ये नया फैशन चल पड़ा है हिंदी…

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