लोकप्रिय प्रविष्टियां

कंपकपाते पत्ते पर ठहरी एक बूँद ओ़स की बचाए हुए किसी तरह खुद को तेज़ हवा उड़ा न दे धूप कहीं सुखा न दे उतरी है आकाश से गिर न जाये धूल में पर आखिर मिलना पड़ता है उसे उसी मिट्टी में कंक्कड़ पत्थर के बीच ही और वो लुप्त हो जाती है उसी धूल मिटटी की धरा में प्राणी भी तो…

मनुष्य के अस्तित्व में सभ्यताओं का प्रमुख स्थान रहा है और सभ्यताओं में नदियों का। ये ना सिर्फ मानव जीवन के लिए एक आवश्यक तत्व रहीं बल्कि उसके बनाए स्थान, गांव, शहर को सुंदरता प्रदान करने में भी प्रमुख रहीं। नदियों के किनारे बसे हुए गाँव, शहर प्राकृतिक रूप से सुंदर दिखाई देते हैं. यूरोप के शहरों की अतिरिक्त सुंदरता…

कितनी ठिठुरन है आज  चलो न, पी आएं एक एक कप कॉफी  मैं लूंगी एक लार्ज कैपचीनो,  जिसपर बनाता है वह एक दिल,  चॉकलेट और अपनी कला से. तुम ले लेना अपनी लाटे,  सफ़ेद, दूध, चीनी से भरी. ये कॉफ़ी भी व्यक्तित्व का रूपक होती हैं न.…

नादान आँखें. बडीं मनचली हैं  तुम्हारी ये नादान आँखें  जरा मूँदी नहीं कि  झट कोई नया सपना देख लेंगी.  इनका तो कुछ नहीं जाता  हमें जुट जाना पड़ता है  उनकी तामील में  करना पड़ता है ओवर टाइम .  अपने दिल और दिमाग की  इस शिकायत पर  आज रात खुली आँखों मे गुजार दी है मैने.  न नौ मन तेल होगा न राधा…

ब्रिटेन आजकल एक अजीब दौर से गुजर रहा है। हाल ही में, लाखों ब्रिटिश नागरिक लंदन की सड़कों पर अपनी आज़ादी और अधिकार मांगते हुए नज़र आए। उनका कहना है कि उन्हें अपना देश वापस चाहिए, क्योंकि अब यह देश उनके लिए पहले जैसा नहीं रहा। वे महसूस करते हैं कि वे अब अपने ही देश में अल्पसंख्यक बन गए…

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