लोकप्रिय प्रविष्टियां

रो रो के धो डाले हमने, जितने दिल में अरमान थे।  हम वहाँ घर बसाने चले, जहाँ बस खाली मकान थे।  यूँ तो दिल लगाने की, हमारी भी थी आरज़ू,  ढूँढा प्यार का कुआँ वहाँ, जहाँ लंबे रेगिस्तान थे।  हम तो यूँ ही बेठे थे तसव्वुर में किसी के, बिखरे टूट के शीशे की तरह कितने हम नादान थे।  एक…

अपनी अभिलाषाओं का तिनका तिनका जोड़मैने एक टोकरा बनाया था,बरसों भरती रही थी उसेअपने श्रम के फूलों से,इस उम्मीद पर किजब भर जायेगा टोकरा तो,पूरी हुई आकाँक्षाओं को चुन केभर लुंगी अपना मन।तभी कुछ हुई  कुलबुलाहट मन मेंधड़कन यूँ बोलती सी लगीदेखा है नजरें उठा कर कभी?उस नन्ही सी जान को बसहै एक रोटी की अभिलाषा उस नव बाला को बसहै रेशमी आँचल…

रात बहुत गहरी है  फलक पर सिमटे तारे हैं  एक बूढा सा चाँद भी  अपनी बची खुची चाँदनी, ओढ़े खडा है.  आस्माँ ने मुझे  दिया है न्योता, सितारों जड़ी एक चादर  बुनने का. इसके एवज में उसने  किया है वादा  शफक पर थोड़ी सी  जगह देने का.  पर मुझे तो पता है  शफ़क़ सिर्फ एक धोखा है  ये चाल है निगोड़े आस्माँ…

  भाषा – सिर्फ शब्दों और लिपि का ताना बाना नहीं होती. भाषा सम्पूर्ण संस्कृति होती है और अपने पूरे वर्ग का प्रतिनिधित्व करती है. खासकर यदि वह भाषा किसी पाठ्यक्रम में इस्तेमाल की जाए वह भी छोटे बच्चों के तो उसपर थोड़ा विचार अवश्य किया जाना चाहिए. क्योंकि प्रारंभिक शिक्षा और किताबों का उद्देश्य नौकरी दिलाना या साहित्य पढ़ाना…

आसमान के ऊपर भी एक और आसमान है, उछ्लूं लपक के छू लूँ  बस ये ही अरमान है। बना के इंद्रधनुष को अपनी उमंगों का झूला , बैठूँ और जा पहुँचूँ चाँद के घर में सीधा। कुछ तारे तोडूँ और भर लूँ अपनी मुठ्ठी में, लेके सूरज का रंग भर लूँ सपनो की डिब्बी में। उम्मीदों का ले उड़नखटोला जा उतरूं…

वीडियो