लोकप्रिय प्रविष्टियां

क्या दे सजा उसको  क्या फटकारे उसे कोई , हिमाक़त करने की भी  जिसने इज़ाजत ली है ********* हमारे दिन रात का हिसाब कोई  जो मांगे तो क्या देंगे अब हम उसके माथे पे बल हो, तो रात  और फैले होटों पे दिन होता है. ************** उसकी  पलकों से गिरी बूंद ज्यूँ ही मेरी उंगली से छुई हुआ अहसास   कितने गर्म ये जज़्बात होते हैं . ************ तेरे दिल  के पास जो …

कहीं सुनहरी बदन सेकती, कहीं किसी का बदन जलाती चिलचिलाती धुप कहीं रुपसी करती है डाइटिंग कहीं जान से मारती है भूख. कहीं फ़ैशन है कम कपड़ों का , कहीं एक ओड़नी को तरसता योवन कहीं  बर्गर ,कोक में डूबा कोई, कहीं कूड़े में वाड़ा पाँव ढूँढता बचपन. वही है धरती अंबर वही है, वही है सूरज, चाँद और तारे…

मनुष्य के अस्तित्व में सभ्यताओं का प्रमुख स्थान रहा है और सभ्यताओं में नदियों का। ये ना सिर्फ मानव जीवन के लिए एक आवश्यक तत्व रहीं बल्कि उसके बनाए स्थान, गांव, शहर को सुंदरता प्रदान करने में भी प्रमुख रहीं। नदियों के किनारे बसे हुए गाँव, शहर प्राकृतिक रूप से सुंदर दिखाई देते हैं. यूरोप के शहरों की अतिरिक्त सुंदरता…

10वीं 12वीं का रिजल्ट आया. किसी भी बच्चे के 90% से कम अंक सुनने में नहीं आये. पर इतने पर भी न बच्चा संतुष्ट है न उनके माता पिता। इसके साथ ही सुनने में आया पिछड़ी पीढ़ी का आलाप कि हमारे जमाने में तो इसके आधे भी आते थे तो लड्डू बांटते थे.  यह मुझे कुछ ऐसा ही लगता है…

ये उन दिनों की बात है जब कैमरा की घुंडी घुमाकर रील आगे बढ़ाई जाती थी। एक क्लिक की आवाज के साथ रील आगे बढ़ जाती थी एक रील में 15 , २३ या ३६ फोटो होते थे… जो कभी कभी एक ज्यादा या एक कम भी हो जाते थे. पूरे फोटो खिंच जाने पर कैमरे की एक टोपी घुमाकर…

वीडियो

[huge_it_videogallery id="2"]