काला धन काला धन सुन सुन कर कान तक काले हो चुके हैं ।  यूँ मुझे काला रंग खासा पसंद है। ब्लेक ब्यूटी की तो खैर दुनिया कायल है पर जब से जानकारों से सुना है की काले कपड़ों में मोटापा कम झलकता है तब से मेरी अलमारी में काफी कालापन दिखाई देने लगा है।  परन्तु काले धन के दर्शन…

कभी यूँ भी तो हो कि हम तुम मिलें और कोई काम की बात न हो. बेशक तुम लो चाय, मैं कॉफ़ी, और बस मुस्कुराहट हो. हों बहाने, शिकायतें, मशवरें, बस न हो कोई भी मकसद. मुफलिसी हो, मशक्कत हो, या फिर हो मशरूफ़ियत. आएं, बैठें, बोलें – बतियाएं, पर ज़हन में कोई उम्मीद न हो. हाँ कभी यूँ भी…

एक ज्योतिषी ने एक बार कहा थाउसे वह मिलेगा सबजो भी वह चाहेगी दिल सेउसने मांगापिता की सेहत,पति की तरक्की,बेटे की नौकरी,बेटी का ब्याह,एक अदद छत.अब उसी छत पर अकेली खड़ीसोचती है वोक्या मिला उसे ?ये पंडित भी कितना झूठ बोलते हैं. ************************ चाहते हैं हम कि बन जाएँ रिश्ते  जरा से प्रयास से  थोड़ी सी गर्मी से  और थोड़े से…

माँ!आज़ ज्यों ही मैं तेरे गर्भ की गर्माहट में निश्चिंत हो सोने लगी मेने सुना तू जो पापा से कह रही थी। और मेरी मूंदी आँखें भर आईं खारे पानी से। क्यों माँ! क्यों नही तू चाहती की मैं दुनिया में आऊँ ? तेरे ममता मयी आँचल में थोड़ा स्थान मैं भी पाऊँ ? भैया को तेरी गोद में मचलते…

छतीस गढ़ के दैनिक  नवभारत में प्रकाशित एक आलेख. कुछ समय से ( खासकर भारतीय परिवेश में )अपने आस पास जितनी भी महिलाओं को अपने क्षेत्र  में सफल और चर्चित देख रही हूँ .सबको अकेला पाया है .किसी ने शादी नहीं की या कोई किसी हालातों की वजह से अलग रह रही हैं. और यह सवाल पीछा ही नहीं छोड़…