कभी कभी फ़ोन के घंटी कितनी मधुर हो सकती है इसका अहसास कभी ना कभी हम सभी को होता है , मुझे भी हुआ जब सामने से आवाज़ आई ..शिखा जी , आपके संस्मरण को हाई कमीशन द्वारा घोषित लक्ष्मी मल्ल सिंघवी प्रकाशन अनुदान सम्मान दिया जायेगा. कृपया वक्त पर हाई कमीशन पहुँच जाएँ. लैटर आपको १-२ दिन मे मिल जाएगा ...शब्द जैसे…







