लोकप्रिय प्रविष्टियां

अहसास तेरी मासूम निगाहों का मेरी सर्द निगाहों से इस कदर मिला कि  सारी क़ायनात पीछे छोड़ कर मैं तेरी नज़रों मे मशगूल हो गया। तेरे दिल के सॉफ आईने मे देखा जो तसव्वुर अपना मैने सारे जमाने की मोहब्बत का हसीन अहसास अधूरा हो गया। सुनी जो धीमी-धीमी रुनझुन तेरे पावं मे खनकती पायल की मंदिर में बजती हुई घंटी…

कुछ कोमल से अहसास हैं  कुछ सोये हुए ज़ज्वात हैं  है नहीं ये ज्वाला कोई  सुलगी सुलगी सी आग है  कुछ और नहीं ये प्यार है।   धड़कन बन जो धड़क रही  ज्योति बन जो चमक रही  साँसों में बसी सुगंध सी  महकी महकी सी बयार है  कुछ और नहीं ये प्यार है।   हो कोई रागिनी छिडी जेसे  रिमझिम पड़ती बूंदे…

अनवरत सी चलती जिन्दगी में अचानक कुछ लहरें उफन आती हैं कुछ लपटें झुलसा जाती हैं चुभ जाते हैं कुछ शूल बन जाते हैं घाव पनीले और छा जाता है निशब्द गहन सा सन्नाटा फ़िर इन्हीं खामोशियों के बीच। रुनझुन की तरह, आता है कोई यहीं कहीं आस पास से करीब के ही झुरमुट से जुगनू की तरह चमक जाता…

सबसे पहले तो हिंदी साहित्य के सभी गुणीजनों  और ब्लॉगजगत के सभी साहित्यकारों से हाथ जोड़ कर और कान पकड़ कर माफी .कृपया इस पोस्ट को निर्मल हास्य के रूप में लें . हमारे हिंदी साहित्य में बहुत ही खूबसूरत और सार्थक विधाएं हैं और इनमें बहुत से रचनाकारों ने अपनी सिद्धता भी दर्ज की है .परन्तु मेरे खुराफ़ाती या…

मोस्को में मेरी एक बहुत अच्छी मित्र थी श्रीलंका की… इतना अच्छा चिकेन बनाती  थी ना …रहने दीजिये वर्ना बाकी पोस्ट नहीं लिखी जाएगी .और इसका राज़ वो बताती थी वहां के मसाले .और भी बहुत  सी बातें की मोती बहुत अच्छे मिलते हैं वहां ,समुंद्री किनारे बहुत खूबसूरत हैं वगैरह वगैरह ..जिन्हें सुन सुन कर मेरा भी मन श्रीलंका देखने…

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