बात उन दिनों की है जब हम अमेरिका में रहते थे. एक दिन हमें हमारे बच्चों के स्कूल से एक इनविटेशन कार्ड मिला | उसकी क्लास के एक बच्चे का बर्थडे था. बच्चे छोटे थे, ये पहला मौका था जब किसी गैर भारतीय की किसी पार्टी में उन्हें बुलाया गया था तो हम एक अच्छा सा गिफ्ट लेकर ( पढने लिखने…

लंदन में इस साल अब जाकर मौसम कुछ ठंडा हुआ है. वरना साल के इस समय तक तो अच्छी- खासी ठण्ड होने लगती थी, परन्तु इस बार अभी तक हीटिंग ही ऑन नहीं हुई है. ग्लोबल वार्मिग का असर हर जगह पर है. वैसे भी यहाँ के मौसम का कोई भरोसा नहीं।शायद इसलिए   और हम जैसे दो नावों में सवार प्राणी इस…

अभी कुछ दिन पहले मुझे ये ख्याल आया था कि खाली दिमाग कवि का घर …ये बात कही तो मैंने बहुत ही लाईट मूड में थी. पर फिर हाल ही में ,आजकल के कवियों पर पढी एक पोस्ट से पुख्ता हो गई ..वो क्या है आजकल हम लोगों के पास करने को तो और कुछ होता नहीं ..ना गेहूँ बीनने हैं…

कितनी ठिठुरन है आज  चलो न, पी आएं एक एक कप कॉफी  मैं लूंगी एक लार्ज कैपचीनो,  जिसपर बनाता है वह एक दिल,  चॉकलेट और अपनी कला से. तुम ले लेना अपनी लाटे,  सफ़ेद, दूध, चीनी से भरी. ये कॉफ़ी भी व्यक्तित्व का रूपक होती हैं न.…

दूसरे  कमरे  से आवाज़े आ रही थीं .एक पुरुष स्वर -..” इतना बड़ा हो गया किसी काम का नहीं है …इतने बड़े बच्चे क्या क्या नहीं करते ..जब देखो टीवी और गेम या खाना ..जरा भी फुर्ती नहीं है ..एकदम उत्साह विहीन .ना जाने क्या करेंगे अपनी जिन्दगी में …” फिर एक महिला का स्वर आया …” अरे अहिस्ता बोलो…