10वीं 12वीं का रिजल्ट आया. किसी भी बच्चे के 90% से कम अंक सुनने में नहीं आये. पर इतने पर भी न बच्चा संतुष्ट है न उनके माता पिता। इसके साथ ही सुनने में आया पिछड़ी पीढ़ी का आलाप कि हमारे जमाने में तो इसके आधे भी आते थे तो लड्डू बांटते थे.  यह मुझे कुछ ऐसा ही लगता है…

अहसास तेरी मासूम निगाहों का मेरी सर्द निगाहों से इस कदर मिला कि  सारी क़ायनात पीछे छोड़ कर मैं तेरी नज़रों मे मशगूल हो गया। तेरे दिल के सॉफ आईने मे देखा जो तसव्वुर अपना मैने सारे जमाने की मोहब्बत का हसीन अहसास अधूरा हो गया। सुनी जो धीमी-धीमी रुनझुन तेरे पावं मे खनकती पायल की मंदिर में बजती हुई घंटी…

इस आदम कद दुनिया में, लोगों का सैलाब है पर इंसान कहाँ हैं? रातों के अंधेरे मिटाने को, बल्ब तो तुमने जला दिए पर रोशनी कहाँ है? तपते रेगिस्तानों में भी बना दी झीलें तुमने पर आंखों का पानी कहाँ है? सजाने को देह ऊपरी, हीरे जवाहरात बहुत हैं पर चमकता ईमान कहाँ है? इस कंक्रीट के जंगल में मकान…

कल हमारी बेटी के स्कूल में पेरेंट्स मीटिंग थी ..,जब हम वहाँ पहुंचे तो देखा कि अजब ही दृश्य था …एक हॉल में कचहरी की तरह लगीं कुर्सी- मेज़ और खचाखच भरे लोग ..आप उसे सभ्य मच्छी बाजार कह सकते हैं .हर पेरेंट को एक -एक विषय के लिए सिर्फ पांच मिनट पहले से ही दे दिए गए थे ..बस…

करवा चौथ – ये त्योहार उत्तर भारत में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है.और भई मनाया भी क्यों न जाये आखिर एक महिने पहले से तैयारियाँ जो शुरु हो जाती हैं..शुरुआत होती है धर्मपत्नी के तानो से, कि, देखो जी mrs शर्मा १०,००० कि साड़ी लाई हैं इस बार, सुनो जी पड़ोसन को उसके पति ने नये झुम्के दिलाये हैं…