लोकप्रिय प्रविष्टियां

बच्चे न तो आपकी मिल्कियत होते हैं न ही फिक्स डिपॉजिट जिन्हें आप जब चाहें, जैसे मर्जी चाहें रख लें या भुना लें। बच्चे तो आपके माध्यम से इस समाज और दुनिया को दिया गया सर्वोत्तम उपहार हैं जिन्हें आप अपनी सम्पूर्ण क्षमता और अनुराग के साथ पालते हैं, निखारते हैं और इस दुनिया के लायक बनाते हैं। उनपर आपका…

तेरी मेरी जिन्दगी  उस रसीली जलेबी की तरह है जिसे देख ललचाता है हर कोई कि काश ये मेरे पास होती नहीं देख पाता वो उसके  गोल गोल चक्करों को  उस घी की तपन को  जिसमें तप कर वो निकली है. ************************* कभी कोई लिखने बैठे  कहानी तेरी मेरी  तो वो दुनिया की  सबसे छोटी कहानी होगी जिसमें सिर्फ एक…

जब से सोचने समझने लायक हुई, न जाने कितने सपने खुली आँखों से देखे. कभी कोई कहता कोरे सपने देखने वाला कहीं नहीं पहुंचता तो कभी कोई कहता कोई बात नहीं देखो देखो सपने देखने के कोई दाम पैसे थोड़े न लगते हैं.पर उनमें ही कुछ बेहद पोजिटिव और मित्र किस्म के लोग भी होते जो कहते कि अरे सपने…

आज मुस्कुराता सा एक टुकडा बादल का  मेरे कमरे की खिड़की से झांक रहा था  कर रहा हो वो इसरार कुछ जैसे  जाने उसके मन में क्या मचल रहा था  देखता हो ज्यूँ चंचलता से कोई  मुझे अपनी उंगली वो थमा रहा था  कह रहा हो जैसे आ ले उडूं तुझे मैं  बस पाँव निकाल देहरी से बाहर जरा सा.…

रिश्ते मिलते हों बेशक  स्वत: ही  पर रिश्ते बनते नहीं  बनाने पड़ते हैं। करने पड़ते हैं खड़े  मान और भरोसे का  ईंट, गारा लगा कर निकाल कर स्वार्थ की कील  और पोत कर प्रेम के रंग  रिश्ते कोई सेब नहीं होते  जो टपक पड़ते हैं अचानक  और कोई न्यूटन बना देता है  उससे कोई भौतिकी का नियम। या ग्रहण कर लेते हैं मनु श्रद्धा  और हो…

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