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हसरत. …

हसरत. …

हसरतों के चरखे पर, धागे ख़्वाबों के बुनते रहेयूँ ही हम गिरते रहे , यूँ ही हम चलते रहे. पहले क़दम पर फ़ासला था, कई…'

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अगर यूँ हुआ होता

अगर यूँ हुआ होता

ख्वाइशों की कश्ती में अरमानो की पतवार लिए जब हम निकले थे सपनो के समंदर में,तो सोचा न था वहाँ तूफ़ान भी आते हैं .कल्पना…'

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ख्वाइश .

ख्वाइश .

क्या चाहा था, बहुत कुछ तो चाहा ना थाक्या माँगा था खुदा से, बहुत कुछ तो माँगा ना था. जो मिला ख़ुशनसीबी थी पर थी,…'

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तमन्ना

तमन्ना

ओरों की पूरी होते देख तमन्ना,हमने भी एक तमन्ना कर ली.ना जाने कितने ख्वाब देख डाले एक ही रात में,की ख्वाब देखने से ही हमने…'

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सच्चा ख्वाब

सच्चा ख्वाब

आज़ तो लगता है जैसे जहाँ मिल गया,ये ज़मीन मिल गई आसमान मिल गया.हों किसी के लिए ,ना हों मायने इसके,मुझे तो मेरा बस एक…'

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कसूर

कसूर

फिर वही धुँधली राहें, फिर वही तारीक़ चौराहा. जहाँ से चले थे एक मुकाम की तलाश में, एक मंज़िल के एक ख्वाब के गुमान में…'

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